लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्र प्रथम के साथ भाजपा की ठोस आधारशिला रखी: प्रधानमंत्री मोदी


बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के बहुचर्चित क्यू.आर. कोड विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के बहुचर्चित क्यू.आर. कोड विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की शिकायत पर शासन ने चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। अजेंद्र अजय ने पूरे मामले की एस.आई.टी. जांच की भी मांग की है। दरअसल, 2023 में दोनों धामों में क्यू.आर. कोड वाले बोर्ड लगाकर श्रद्धालुओं से दान देने की अपील की गई थी। मामला सामने आने पर तत्कालीन बी.के.टी.सी. अध्यक्ष अजेंद्र अजय के निर्देश पर बदरीनाथ कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अजेंद्र अजय ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई अहम पहलुओं की अनदेखी कर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। अजेंद्र अजय ने यह भी सवाल उठाया कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान बीकेटीसी का कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहा, जिसके चलते पुलिस की अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई। उन्होंने मामले की नए सिरे से जांच के लिए शासन को पत्र भेजा था। शिकायत का संज्ञान लेते हुए पर्यटन विभाग की अनु सचिव सोनिया भारती ने चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से प्रकरण में स्पष्ट आख्या मांगी है।
बाइट- अजेंद्र अजय, पूर्व अध्यक्ष, बी.के.टी.सी.
स्रोत: प्रसार भारती (पीबी-शब्द)
संपादक, आज की दिल्ली







