दिवाली पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न लगाने के वास्तु नियम और सही दिशा


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में गोचर कुंभ राशि के जातकों के लिए अत्यंत मंगलकारी और फलदायी साबित होने वाला है। कुंभ राशि से गुरु का यह संचरण जन्मपत्रिका के सप्तम भाव (दांपत्य, साझेदारी और व्यापार भाव) में रहेगा। सप्तम भाव में गुरु की उपस्थिति जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, करियर, व्यवसाय और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार लेकर आएगी।
कुंभ राशि के जातकों पर गुरु गोचर का प्रभाव:
स्वास्थ्य में सुधार: विगत कुछ समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारियों में राहत मिलेगी। दीर्घकालिक बीमारियों का प्रभाव कम होगा और दुर्घटना आदि का जोखिम घटेगा।
विवाह और पारिवारिक सुख: अविवाहित युवक-युवतियों के विवाह के प्रबल योग बनेंगे। दांपत्य जीवन से जुड़ी चिंताएं दूर होंगी, परिवार में नए सदस्य के आगमन या संतान सुख के संकेत हैं। साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
आर्थिक मजबूती: अचानक होने वाले अनचाहे खर्चों पर लगाम लगेगी और नियमित आय के स्रोतों में स्थिरता आएगी। पुराने निवेशों से लाभ मिलने की संभावना है, हालांकि नए निवेश में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है।
करियर और जॉब स्विच: नौकरीपेशा लोगों के लिए यह गोचर काफी सकारात्मक रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर होगा, मनपसंद जगह पर ट्रांसफर के योग बनेंगे और निजी क्षेत्र में काम करने वालों को नए जॉब ऑफर्स मिल सकते हैं।
व्यवसाय और प्रतियोगी परीक्षाएं: व्यापारियों के लिए यह गोचर राहत भरा रहेगा; अनपेक्षित नुकसान थमेगा और कारोबार में गति आएगी। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को शुभ समाचार मिलने के आसार हैं।
विषय
संपादक, आज की दिल्ली







