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नई दिल्ली: भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का प्रतीक पावन पर्व 'भाई दूज' (यम द्वितीया) हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष द्वितीया तिथि दो दिन पड़ने के कारण लोगों के बीच तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पंचांग गणना और उदया तिथि के अनुसार भाई दूज का त्योहार 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा।
पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत 10 नवंबर (मंगलवार) को दोपहर 02:01 बजे होगी और इसका समापन 11 नवंबर (बुधवार) को दोपहर 03:54 बजे होगा। हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व होने के कारण 11 नवंबर को ही पूरे दिन भाई दूज का पर्व मनाना शास्त्रसम्मत है।
लाभ चौघड़िया: सुबह 06:40 बजे से 08:01 बजे तक
अमृत चौघड़िया: सुबह 08:01 बजे से 09:22 बजे तक
शुभ चौघड़िया: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
शास्त्रों के अनुसार भाई दूज पर दोपहर के समय तिलक करना सबसे उत्तम माना जाता है।
पूजा के समय भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर और बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।
भाई को आसन पर बैठाकर रोली-अक्षत से तिलक करें। धार्मिक मान्यतानुसार, छोटे भाई को अंगूठे से और बड़े भाई को अनामिका उंगली से तिलक लगाना शुभ होता है।
तिलक के बाद भाई की कलाई पर कलावा बांधें, आरती उतारें और नारियल (गोला) भेंट कर मिष्ठान व भोजन कराएं।
इसके बाद भाई अपनी बहनों को सामर्थ्य अनुसार उपहार या वस्त्र भेंट कर उनका आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि इस विधि से पूजा करने पर भाई की आयु और बल में वृद्धि होती है।
भाई दूज 2026 तारीख (Bhai Dooj 2026 Date)
भाई दूज कब है 2026 (Bhai Dooj Kab Hai)
भाई दूज शुभ मुहूर्त (Bhai Dooj 2026 Shubh Muhurat)
भाई दूज तिलक विधि (Bhai Dooj Tilak Vidhi)
यम द्वितीया 2026 (Yama Dwitiya 2026)
कार्तिक शुक्ल द्वितीया मुहूर्त (Kartik Shukla Dwitiya Muhurat)
धर्म और ज्योतिष समाचार (Dharm Jyotish News Hindi)
संपादक, आज की दिल्ली







