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धर्म

घर के मुख्य द्वार पर रोज सुबह करें ये 2 उपाय, वास्तु मान्यता के अनुसार मां लक्ष्मी के आगमन का खुलता है मार्ग

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हल्दी-गंगाजल का छिड़काव और पायदान के नीचे फिटकरी रखने का बताया गया है विशेष महत्व, वास्तु गुरु मान्या ने बताए मुख्य द्वार से जुड़े कुछ जरूरी नियम नई दिल्ली। भारतीय वास्तु शास्त्र…

हल्दी-गंगाजल का छिड़काव और पायदान के नीचे फिटकरी रखने का बताया गया है विशेष महत्व, वास्तु गुरु मान्या ने बताए मुख्य द्वार से जुड़े कुछ जरूरी नियम

भारतीय वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का प्रवेश होता है। यही वजह है कि घर के प्रवेश द्वार को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया जाता है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, सुबह के समय मुख्य द्वार पर किए जाने वाले दो छोटे उपाय घर में सकारात्मक वातावरण बनाने और मां लक्ष्मी के स्वागत से जुड़े माने जाते हैं।

1. हल्दी और गंगाजल का करें छिड़काव

वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, सुबह उठकर सबसे पहले घर के मुख्य द्वार और उसके आसपास की जगह की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद तांबे के लोटे में साफ पानी, थोड़ा गंगाजल और एक चुटकी हल्दी मिलाएं।

अब आम या अशोक के पत्तों की सहायता से इस पानी का मुख्य चौखट और उसके दोनों तरफ छिड़काव करें। मान्यता के अनुसार, हल्दी को देवगुरु बृहस्पति से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक दृष्टि से हल्दी और गंगाजल का छिड़काव पवित्रता और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

वास्तु गुरु के मुताबिक, यह उपाय करते समय व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।

2. पायदान के नीचे रखें फिटकरी का टुकड़ा

दूसरे उपाय के तहत फिटकरी का एक छोटा साबुत टुकड़ा लाल कपड़े में बांधकर मुख्य द्वार के पायदान के नीचे रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुकता है और सुख-शांति बनी रहती है।

बताया गया है कि इस फिटकरी को हर महीने अमावस्या के दिन बदल देना चाहिए। पुरानी फिटकरी को घर से बाहर उचित तरीके से निस्तारित कर दें।

मुख्य द्वार से जुड़े 3 जरूरी वास्तु नियम

1. गंदगी और बिखरे जूते-चप्पल न रखें: मुख्य द्वार के सामने कूड़ेदान, कचरा या गंदे जूते-चप्पलों का ढेर नहीं होना चाहिए। प्रवेश द्वार की नियमित सफाई जरूरी है।

2. दरवाजे से आवाज नहीं आनी चाहिए: मुख्य दरवाजा खोलते और बंद करते समय चरमराने की आवाज आती है तो उसके कब्जों और अन्य हिस्सों की मरम्मत करवाएं। दरवाजे का सही तरीके से काम करना जरूरी है।

3. शाम को मुख्य द्वार पर रखें पर्याप्त रोशनी: वास्तु मान्यताओं में शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक या रोशनी रखने को शुभ माना गया है। इससे घर का प्रवेश द्वार रोशन और आकर्षक बना रहता है।

साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार की स्वच्छता, रोशनी और सुंदरता को सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, हल्दी, फिटकरी या अन्य वास्तु उपायों से धन प्राप्ति अथवा दरिद्रता दूर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इन्हें धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए।

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योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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