
सनातन धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के वैश्विक प्रचार के लिए ‘सनातन सेवा शक्ति’ की स्थापना
योगराज शर्मा के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय संगठन की पहल, धर्म, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के मूल्यों को विश्वभर में पहुंचाने का संकल्प नई दिल्ली। सनातन धर्म की प्राचीन…
संगठन से जुड़ें और बनें सनातन संस्कृति एवं मानव सेवा के अभियान का हिस्सा। संगठन से जुड़ने वाले इच्छुक सदस्यों को उनकी सदस्यता एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फोटोयुक्त प्रमाणपत्र (Certificate) प्रदान करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और मानव सेवा के मूल्यों को विश्वभर में बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘सनातन सेवा शक्ति (Sanatan Seva Shakti)’ की स्थापना की गई है। संगठन का उद्देश्य सनातन धर्म की प्राचीन शिक्षाओं, संस्कारों और जीवन मूल्यों का प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ समाज में प्रेम, शांति, सद्भाव, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करना है।
संगठन के संस्थापक योगराज शर्मा, ग्लोबल ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एवं वरिष्ठ पत्रकार हैं। उनके विजन के अनुसार, सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, सेवा, करुणा और सभी जीवों के प्रति सम्मान का जीवन दर्शन है।
सनातन सेवा शक्ति के माध्यम से देश-विदेश में आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक गतिविधियां, मानव सेवा और जनकल्याण से जुड़े अभियान संचालित करने की योजना है। संगठन का लक्ष्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संस्कारों से जोड़ना तथा समाज में आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
संगठन की ओर से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, मानव सेवा और सामाजिक सशक्तिकरण में रुचि रखने वाले लोगों से जुड़ने की अपील की गई है।
संगठन का मूल संदेश है:
धर्म • सेवा • संस्कार • सामाजिक सशक्तिकरण
Serve Humanity • Preserve Sanatan Dharma • Spread Peace and Harmony
संस्थापक: योगराज शर्मा
Global Human Rights Activist & Senior Journalist
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