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छठ पूजा पर दिल्ली के हर वार्ड में बनेंगे घाट: 1000 से ज्यादा जगहों पर होंगे भव्य इंतजाम; स्थानीय कॉलोनियों में भी मिलेंगे विकल्प
लोक आस्था के महापर्व 'छठ' को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली सरकार और नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष राजधानी के प्रत्येक वार्ड में छठ घाट तैयार करने का निर्णय लिया है। दिल्ली भर में 1,000 से अधिक स्थानों पर कृत्रिम और प्राकृतिक घाटों का निर्माण व सुंदरीकरण किया जाएगा, जिससे व्रतियों को अपने घर और स्थानीय कॉलोनियों के नजदीक ही अर्घ्य देने की सुविधा मिल सकेगी।भीड़ नियंत्रण और स्थानीय स्तर पर सुविधा का मॉडल
हर साल छठ पूजा के दौरान यमुना के प्रमुख घाटों और बड़े सरोवरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इस बार प्रशासन ने विकेंद्रीकृत व्यवस्था (Decentralized Model) अपनाई है:
प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक बड़ा घाट: स्थानीय पार्षदों और विधायकों के सहयोग से हर वार्ड के प्रमुख पार्कों और खुले मैदानों में पक्के या कृत्रिम तालाब तैयार किए जाएंगे।
कॉलोनियों और सोसायटियों में विकल्प: आरडब्ल्यूए (RWA) और स्थानीय छठ पूजा समितियों के साथ मिलकर रिहायशी सोसायटियों के खाली मैदानों में भी पानी के कुंड तैयार किए जाएंगे, ताकि बुजुर्गों और महिलाओं को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
1,000 से अधिक चिन्हित स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
स्वच्छ जल की आपूर्ति: दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से कृत्रिम घाटों में स्वच्छ पेयजल और अर्घ्य के लिए साफ पानी की लगातार आपूर्ति होगी।
सुरक्षा एवं निगरानी: सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे।
रोशनी और टेंट व्यवस्था: घाटों के आसपास पर्याप्त एलईडी लाइट्स, हाई-मास्ट लाइटें, व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम (कपड़े बदलने के टेंट) और मोबाइल बायो-टॉयलेट स्थापित किए जा रहे हैं।
प्राथमिक चिकित्सा एवं एंबुलेंस: भीड़भाड़ वाले संवेदनशील घाटों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध रहेगी।यमुना प्रदूषण को देखते हुए कृत्रिम घाटों पर विशेष जोर
यमुना नदी में पर्यावरण नियमों और प्रदूषण की रोकथाम के मद्देनजर प्रशासन कृत्रिम घाटों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छ और नियंत्रित वातावरण में तैयार किए गए ये कृत्रिम घाट न केवल श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण देंगे, बल्कि प्राकृतिक जलस्रोतों को भी सुरक्षित रखने में मददगार साबित होंगे।
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संपादक, आज की दिल्ली







