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दिल्ली प्रदूषण पर वार-पलटवार: सिरसा ने पंजाब सरकार को घेरा, मंत्री बोले—'हमें भी अपने बच्चे प्यारे, बदनाम न करें'

योगराज शर्मा2 मिनट में पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचते ही प्रदूषण और पराली के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में बढ़ रहे धुएं और स्मॉग के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब सरकार के मंत्री ने कहा कि पूरे उत्तर भारत के प्रदूषण का ठीकरा सिर्फ पंजाब के सिर फोड़ना अनुचित है और राज्य को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है।सिरसा का आरोप: 'पंजाब सरकार पराली रोकने में पूरी तरह विफल'

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हर साल पंजाब में जलने वाली पराली का खामियाजा दिल्ली और आसपास के नागरिकों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी और वित्तीय सहायता देने में विफल रही है, जिसके चलते खेतों में आग लगने की घटनाएं थम नहीं रही हैं और दिल्ली 'गैस चैंबर' बनने की कगार पर पहुंच गई है।पंजाब के मंत्री का पलटवार: 'हमारे भी परिवार हैं, पंजाब को निशाना बनाना बंद करें'

सिरसा के आरोपों पर पलटवार करते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण केवल पंजाब की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक मौसमी और भौगोलिक संकट है।

"क्या पंजाब में रहने वाले लोगों को साफ हवा की जरूरत नहीं है? हमें भी अपने बच्चे, अपने बुजुर्ग और अपने परिवार उतने ही प्यारे हैं। यह सोचना बेतुका है कि कोई जानबूझकर प्रदूषण फैलाएगा। राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब और यहाँ के किसानों को बदनाम करने की परंपरा अब बंद होनी चाहिए।"

मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी दर्ज की है। इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के तहत किसानों को सब्सिडी पर मशीनें मुहैया कराई जा रही हैं और लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।केंद्र और अन्य राज्यों की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल

पंजाब सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि दिल्ली के अपने स्थानीय कारण—जैसे वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक कचरा—वायु प्रदूषण के प्रमुख कारक हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर केवल राज्यों को आमने-सामने खड़ा करने के बजाय एक संयुक्त और व्यावहारिक अंतर्राज्यीय नीति तैयार करे।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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