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जामिया में छात्र आंदोलन तेज, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की संख्या बढ़कर 5 हुई; कैंपस के बाहर धारा 163 लागू

योगराज शर्मा2 मिनट में पढ़ें

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय परिसर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है।20 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने पर नाराजगी

छात्रों का मुख्य मुद्दा जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराना है। विश्वविद्यालय में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। इसी मांग को लेकर 12 अक्टूबर से छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना शुरू किया था।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव कराने के लिए निश्चित समयसीमा घोषित करे, ताकि छात्रसंघ की लोकतांत्रिक व्यवस्था दोबारा शुरू हो सके।कैंपस के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन और मार्च की आशंका के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। धारा 163 लागू होने के बाद निर्धारित क्षेत्र में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने और सार्वजनिक प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

कैंपस के कई प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है।छात्रों और प्रशासन के बीच नहीं बन पा रही सहमति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने और छात्रों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। वे चुनाव की समयसीमा और अपनी अन्य मांगों पर स्पष्ट लिखित निर्णय चाहते हैं।

आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने और विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।ऑनलाइन कक्षाओं और परीक्षाओं का फैसला

तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कक्षाओं को ऑनलाइन संचालित करने का निर्णय लिया था। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।छात्रसंघ चुनाव बहाली पर टिका पूरा विवाद

जामिया में छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ छात्र निश्चित चुनाव कार्यक्रम और प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाएगी।

फिलहाल जामिया परिसर में तनाव और प्रशासनिक सख्ती के बीच सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर गतिरोध कब समाप्त होगा।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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