
दिल्ली की जेलों में कैसे पहुंच रहा ड्रग्स? स्कैनिंग मशीनों की कमी पर गृह विभाग चिंतित, खरीद के दिए निर्देश
जेलों में तंबाकू और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने की तैयारी तेज, बिना शारीरिक नुकसान के प्रतिबंधित सामान का पता लगाने वाली अत्याधुनिक मशीनें खरीदेगा जेल प्रशासन
नई दिल्ली। दिल्ली की जेलों में तंबाकू, ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान पहुंचने के मामलों को लेकर दिल्ली सरकार का गृह विभाग गंभीर हो गया है। जेलों के भीतर प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अब अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीनें खरीदने की तैयारी की जा रही है। गृह विभाग ने जेल प्रशासन को ऐसी मशीनों की पहचान कर खरीद का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिनकी मदद से बिना किसी शारीरिक नुकसान के प्रतिबंधित सामान का पता लगाया जा सके।
गृह विभाग की बैठक में उठा मामला
हाल ही में गृह विभाग की ओर से आयोजित बैठक में दिल्ली की जेलों से जुड़ी शिकायतों और विभिन्न गंभीर मुद्दों की समीक्षा की गई। विशेष सचिव (गृह-II) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जेलों के भीतर प्रतिबंधित सामान की तस्करी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी गई।
जेलों में कैसे पहुंच रहे हैं नशीले पदार्थ?
बैठक के दौरान इस बात पर चिंता जताई गई कि जेलों में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ कैसे पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ कैदियों के जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान की आपूर्ति में शामिल होने की आशंका भी सामने आई है।
बैठक में यह महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि जेलों में प्रतिबंधित सामान की पहचान के लिए पर्याप्त और उपयुक्त स्कैनिंग मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में तलाशी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक की जरूरत महसूस की गई।
तिहाड़ जेल मुख्यालय को प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी
गृह विभाग के विशेष सचिव ने अधिकारियों को ऐसी आधुनिक मशीनों और उपकरणों की तलाश करने के निर्देश दिए हैं, जिनसे प्रतिबंधित पदार्थों और अन्य अवैध सामान की पहचान आसानी से की जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि तलाशी के दौरान किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान न पहुंचे।
मशीनों की खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी तिहाड़ जेल मुख्यालय के अधिकारी को सौंपी गई है।
जेलों की सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार की इस पहल का उद्देश्य जेलों में नशीले पदार्थों की पहुंच रोकना, कैदियों के बीच प्रतिबंधित सामान की आपूर्ति पर अंकुश लगाना और सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जेल प्रशासन मशीनों की खरीद का प्रस्ताव कब तैयार करता है और इनकी तैनाती कब तक होती है।
संपादक, आज की दिल्ली
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