दिवाली से पहले दिल्ली में जहरीली हुई हवा: 4 दिनों में 377 पहुंचा AQI, धीमी हवा और नमी से स्मॉग का खतरा बढ़ा


दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ धरने में शामिल होने के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के रोहताश नगर में सैलून के बाहर बाइक पार्किंग को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्ष शाहदरा थाने पहुंचे, जहां वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई हो गई। घटना में एक वकील के घायल होने के बाद जिला अदालत के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
वकीलों के विरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने गांधी नगर के तत्कालीन एसीपी मनस्वी वशिष्ठ का तबादला 'स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन' (SPUWAC) में और शाहदरा एसएचओ अरुण कुमार का तबादला सुरक्षा शाखा में कर दिया था। इस कार्रवाई से नाराज होकर दिल्ली पुलिस के सैकड़ों जवान और अधिकारी एकजुट हो गए। ट्रांसफर के विरोध में जवानों ने जयसिंह रोड स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें एसीपी मनस्वी वशिष्ठ भी शामिल हुए थे। अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय ने उनके निलंबन का आदेश जारी किया।
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संपादक, आज की दिल्ली







