सामग्री पर जाएँ
Aaj Ki Delhi
दिल्ली

दिल्ली में ‘बॉस बनकर’ 50 लाख की साइबर ठगी, नरेला के कॉलेज अकाउंटेंट को बनाया निशाना; 48 घंटे में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

योगराज शर्मा2 मिनट में पढ़ें

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए नरेला स्थित एक कॉलेज के अकाउंटेंट से करीब 50 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने कॉलेज के एक वरिष्ठ अधिकारी की पहचान और फोटो का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट को व्हाट्सऐप पर संदेश भेजा और तत्काल रकम ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। अधिकारी का संदेश समझकर अकाउंटेंट ने बताए गए बैंक खाते में पैसे भेज दिए।

मामले की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी रकम बैंक खाते में होल्ड करा दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के महज 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल की।

एजुकेशनल सोसायटी के सचिव ने दर्ज कराई शिकायत

पुलिस के अनुसार, नरेला में कॉलेज संचालित करने वाली एक एजुकेशनल सोसायटी के सचिव ने इस साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर 27 अक्टूबर को स्पेशल सेल की IFSO यूनिट में ई-एफआईआर दर्ज की गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम एक बैंक में M/s N.S. Traders के नाम से संचालित खाते में ट्रांसफर की गई थी।

गाजियाबाद से आरोपी नौशाद गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस टीम ने बैंक खाते की जानकारी जुटाई और उसके मालिक की पहचान गाजियाबाद के लोनी निवासी 33 वर्षीय नौशाद के रूप में की। पुलिस ने 29 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर इस वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।

यह कार्रवाई डीसीपी IFSO गौरव त्यागी और एसीपी मनोज कुमार मिश्रा की निगरानी में की गई।

क्या है ‘बॉस स्कैम’, कैसे बचें?

साइबर अपराध का यह तरीका ‘बॉस स्कैम’ कहलाता है। इसमें ठग किसी कंपनी, संस्थान या कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी का नाम, फोटो और पहचान का इस्तेमाल करके कर्मचारियों को निशाना बनाते हैं। व्हाट्सऐप या अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर खुद को अधिकारी बताकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है।

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां:

  • किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले अधिकारी से फोन पर पुष्टि करें।

  • केवल व्हाट्सऐप प्रोफाइल फोटो देखकर किसी की पहचान पर भरोसा न करें।

  • अचानक आए भुगतान संबंधी निर्देशों की स्वतंत्र रूप से जांच करें।

  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

दिल्ली की और ख़बरें

सभी देखें