शीर्षक: भारत में सोलर क्रांति: 2047 तक ₹8.42 लाख करोड़ का निवेश और मिलेंगी 32 लाख नौकरियां, ISMA की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा


परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए टर्म इंश्योरेंस सबसे भरोसेमंद और प्रभावी माध्यम माना जाता है। यह एक शुद्ध जीवन बीमा (Pure Life Insurance) योजना है, जिसमें बेहद कम प्रीमियम पर बड़ा लाइफ कवर (Sum Assured) मिलता है। पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक के साथ कोई अनहोनी होने पर नॉमिनी को पूरी बीमा राशि एकमुश्त मिलती है, जिससे परिवार के भविष्य के 10 से 20 साल आर्थिक रूप से सुरक्षित हो जाते हैं।
क्यों जरूरी है टर्म प्लान?
गुल्लक थ्योरी (Gullak Theory) के को-फाउंडर और वित्तीय विशेषज्ञ के. प्रहलाद के अनुसार, कमाने वाला व्यक्ति अपने परिवार के लिए एक सबसे बड़ा 'एसेट' यानी इनकम का जरिया होता है। हर महीने आने वाली सैलरी या आय से ही घर के सारे खर्चे और आश्रितों की जरूरतें पूरी होती हैं।
यदि कमाने वाले व्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाए, तो इनकम का फ्लो अचानक बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिवार को किसी आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े और उनकी जीवनशैली प्रभावित न हो, इसके लिए टर्म इंश्योरेंस एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच बनता है। यह आपकी भविष्य की कमाई (Future Income) को प्रोटेक्ट करता है।
अक्सर लोग बिना किसी सटीक कैलकुलेशन के 50 लाख या 1-2 करोड़ का रैंडम कवर चुन लेते हैं। एक्सपर्ट ने इसका एक सीधा और व्यावहारिक फॉर्मूला बताया है:
कवर साइज़ = मासिक खर्च × 200
उदाहरण: यदि आपके घर का मासिक खर्च ₹1 लाख है, तो आपके पास कम से कम ₹2 करोड़ (₹1,00,000 × 200) का टर्म कवर होना चाहिए।
यह फॉर्मूला कैसे काम करता है?
अगर पॉलिसीधारक के न रहने पर नॉमिनी को ₹2 करोड़ की बीमा राशि मिलती है और परिवार इस रकम को किसी सुरक्षित जगह (जैसे बैंक एफडी आदि) पर 6% के सालाना रिटर्न पर भी निवेश कर देता है, तो सालाना ₹12 लाख का ब्याज मिलेगा। इस रकम से परिवार को बिना मूलधन खर्च किए हर महीने ₹1 लाख मिलते रहेंगे और उनके सभी खर्च सुचारू रूप से चलते रहेंगे।
किफायती प्रीमियम पर बड़ा कवर: अन्य पारंपरिक जीवन बीमा योजनाओं की तुलना में इसका प्रीमियम काफी कम होता है और भारी-भरकम सम एश्योर्ड मिलता है।
पूरी आर्थिक सुरक्षा: रोजमर्रा के खर्चों के साथ-साथ बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी और होम लोन जैसे कर्ज चुकाने में मददगार।
टैक्स लाभ: इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत प्रीमियम पर ₹1.5 लाख तक की छूट और सेक्शन 10(10D) के तहत क्लेम की रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
राइडर्स की सुविधा: जरूरत के अनुसार क्रिटिकल इलनेस (गंभीर बीमारी) और एक्सीडेंटल डेथ जैसे अतिरिक्त राइडर्स जोड़कर सुरक्षा को बढ़ाया जा सकता है।
विषय
संपादक, आज की दिल्ली







