‘तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा


भिवानी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्त, प्लास्टिक जलाने और उपयोग पर लगेगी कड़ी पाबंदी पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग चलाएगा विशेष अभियान, होगी सख्त कार्रवाई
एंकर :- भिवानी में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। पाल्यूशन विभाग के अधिकारी नीतीश भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की नैतिक और सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रशासनिक नियमों का पालन बेहद जरूरी है। सर्दियों के मौसम और एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के संकट को देखते हुए जिला प्रशासन और प्रदूषण विभाग ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। भिवानी शहर में लगातार सामने आ रही कचरा और प्लास्टिक जलाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। खुले में किसी भी प्रकार का कचरा, पत्तियां या प्लास्टिक जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है क्योंकि इससे निकलने वाला जहरीला धुआं हवा की गुणवत्ता को बिगाड़ता है और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। इसके अलावा, सिंगल यूज प्लास्टिक और प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अवहेलना करने वाले दुकानदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण और निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि भिवानी के वायु गुणवत्ता सूचकांक को नियंत्रण में रखा जा सके। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की इस एडवाइजरी के अंतर्गत नागरिकों से अपील की गई है कि वे दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और थर्मोकोल से बनी वस्तुओं का पूरी तरह से त्याग करें। इसकी बजाय कपड़े के थैले, जूट बैग, कागज के थैलों और अन्य पर्यावरण-मित्र विकल्पों को अपनाया जाए। इसके साथ ही, अपने आसपास खुले में कचरा या प्लास्टिक जलाने से बचें, प्रशासनिक नियमों व दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें और शहर को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाने में अपना योगदान दें। बाईट :- पाल्यूशन विभाग के अधिकारी नीतीश भारद्वाज
स्रोत: प्रसार भारती (पीबी-शब्द)
संपादक, आज की दिल्ली







