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भारत का 2047 तक 500 मिलियन टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य

योगराज शर्मा1 मिनट में पढ़ें
भारत का 2047 तक 500 मिलियन टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य

भारत ने 2030 तक 300 मिलियन टन और 2047 तक 500 मिलियन टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि बढ़ती मांग पूरी करने और कीमतें कम रखने के लिए लौह अयस्क का उत्पादन बढ़ाया जाएगा।

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नवंबर 07, नई दिल्ली: भारत ने वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन और 2047 तक 500 मिलियन टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन के समापन पर यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि भारत फिलहाल सालाना करीब 168 मिलियन टन इस्पात का उत्पादन करता है। बढ़ती मांग को पूरा करने और कीमतें कम रखने के लिए लौह अयस्क का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इससे निर्माण सामग्री सस्ती होने और मकान निर्माण की लागत घटने में मदद मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि भारत ने पहली बार एक अरब टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा पार किया है। देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता है। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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