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धनतेरस से पहले क्यों फिसल रहे हैं सोने के दाम? समझें गिरावट की असली वजह और निवेश का सही नजरिया

योगराज शर्मा3 मिनट में पढ़ें

बिजनेस डेस्क | नई दिल्ली ;धनतेरस और दिवाली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। आम तौर पर त्योहारी मांग के समय सोने के भाव आसमान छूते हैं, लेकिन इस बार रिकॉर्ड स्तरों से आई हालिया गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार (MCX) तक कीमती धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि धनतेरस पर खरीदारी का यह सही मौका है या कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

सोने की कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण

  1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का रुख:

    अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) की मौद्रिक नीतियों को लेकर बाजार में सख्ती के संकेत हैं। ब्याज दरों के उच्च स्तर पर बने रहने या दर कटौती में देरी की आशंकाओं से बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति (Non-yielding Asset) जैसे सोने का आकर्षण कम हुआ है।

  2. मजबूत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड:

    डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में सुधार आने से वैश्विक स्तर पर सोने पर बिकवाली का दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक निवेश मांग घटती है।

  3. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली:

    चालू वर्ष में ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूने के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों और फंड्स ने ऊपरी स्तरों पर जोरदार मुनाफावसूली (Profit Booking) की है। तकनीकी चार्ट्स पर भी ओवरबॉट स्थिति के बाद यह एक स्वाभाविक करेक्शन माना जा रहा है।

  4. कच्चे तेल और वैश्विक लिक्विडिटी का असर:

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और वैश्विक इक्विटी बाजारों में मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए भी कई निवेशकों द्वारा लिक्विड गोल्ड होल्डिंग्स में बिकवाली देखी गई है।

क्या धनतेरस पर सोना खरीदना फायदेमंद है?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों और शादी-ब्याह व त्योहारी खरीदारी करने वालों के लिए एक बेहतर अवसर साबित हो सकती है:

  • सस्ती खरीदारी का मौका: रिकॉर्ड स्तरों से भाव में नरमी आने से गहने खरीदने वालों की जेब पर बोझ कम हुआ है।

  • एकमुश्त खरीदारी के बजाय किश्तों में निवेश: विश्लेषक सलाह दे रहे हैं कि सारा बजट एक साथ खर्च करने के बजाय धनतेरस पर आंशिक खरीदारी करें और कुछ हिस्सा आने वाले हफ्तों के लिए बचाकर रखें।

  • लंबी अवधि का हेज: वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के खिलाफ सोना हमेशा एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) बना रहता है। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद 3 से 5 साल के नजरिए से सोना हमेशा सकारात्मक रिटर्न देने में सक्षम रहा है।

निवेश के प्रमुख विकल्प

निवेश का प्रकारलाभध्यान देने योग्य बातफिजिकल गोल्ड (गहने/सिक्के)पारंपरिक संतुष्टि, उपयोगितामेकिंग चार्ज (8-25%) और 3% जीएसटीगोल्ड ईटीएफ (Gold ETF)कोई मेकिंग चार्ज नहीं, 100% शुद्धता, तुरंत बिक्री संभवडीमैट खाता आवश्यकसॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)2.5% वार्षिक निश्चित ब्याज और टैक्स फ्री कैपिटल गेनसेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी का ध्यान रखेंडिजिटल गोल्ड₹100 जैसी छोटी रकम से शुरुआतस्टोरेज और स्प्रेड लागत

खरीदारों के लिए जरूरी सलाह

  • हॉलमार्किंग की जांच: गहने खरीदते समय 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड की जांच अवश्य करें।

  • पक्का बिल लें: खरीदारी का विधिवत जीएसटी बिल लें, जिसमें सोने का वजन, कैरेट (शुद्धता) और मेकिंग चार्ज अलग-अलग दर्शाए गए हों।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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