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गेंदे के पौधे पर चाहिए ढेरों बड़े पीले फूल? माली ने बताया सीक्रेट तरीका; सही समय पर करें ये 4 काम, फूलों से भर जाएगा गमला

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डेस्क | नई दिल्ली; की शुरुआत के साथ ही बालकनी और बगीचों में गेंदे (Marigold) के फूलों की मांग बढ़ जाती है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनके पौधे में केवल एक-दो फूल ही खिलते हैं और पौधा घना नहीं बन पाता। गार्डनिंग विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे केमिकल खाद के बजाय यदि समय पर प्रूनिंग, रिपॉटिंग और जैविक पोषण दिया जाए, तो एक ही पौधे में 10 से 12 नई शाखाएँ फूट सकती हैं और अनगिनत बड़े-चमकदार फूल पाए जा सकते हैं।

गेंदे को घना और फूलों से भरने के 4 आसान चरण

1. शुरुआती फूलों की प्रूनिंग (कटिंग)

  • मोह छोड़ें, कैंची चलाएं: जब गेंदे के पौधे पर शुरुआत में 1 या 2 फूल खिलने लगें, तो उन्हें पौधे पर लगे रहने देने के बजाय कैंची से काटकर हटा दें।

  • फायदा: यदि शुरुआती फूलों को नहीं काटा जाएगा, तो पौधे की सारी ऊर्जा केवल उन्हीं 2-4 फूलों के विकास में खर्च हो जाएगी। शीर्ष कलियों को काटने (पिंचिंग/प्रूनिंग) से नीचे से नई शाखाएँ तेजी से फूटती हैं और पौधा 'बुशी' (घना) बनता है।

2. सही आकार के गमले में रिपॉटिंग

  • जड़ों को दें फैलने की जगह: प्रूनिंग के बाद पौधे को छोटे नर्सरी बैग या छोटे पॉट से निकालकर कम से कम 8 से 10 इंच के बड़े गमले में रिपॉट करें।

  • विकास में तेजी: बड़े गमले में जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह और पोषक मिट्टी मिलती है, जिससे तना मजबूत होता है और कई नई टहनियां एक साथ निकलती हैं।

3. बायो पोटाश का जादुई इस्तेमाल

  • फूलों का आकार और चमक: गेंदे के फूलों का साइज बड़ा करने और उनके पीले-नारंगी रंग में गहरापन व चमक लाने के लिए पोटाश सबसे असरदार माना जाता है।

  • घोल तैयार करने का तरीका: लगभग 1 लीटर पानी में आधा चम्मच (करीब 3 से 4 ग्राम) बायो फर्टिलाइजर पोटाश मिलाकर घोल तैयार कर लें। यह जैविक होने के कारण पौधे के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

4. स्प्रे करने का सही समय व सावधानी

  • कली खिलने से पहले करें छिड़काव: पोटाश के घोल का छिड़काव हमेशा तभी करें जब पौधे पर हरी पत्तियां और टहनियां हों या सिर्फ छोटी कलियां बन रही हों।

  • खिले फूलों पर न करें स्प्रे: पूरी तरह खिल चुके फूलों पर सीधे घोल का छिड़काव करने से बचें, अन्यथा फूल खराब हो सकते हैं। हरी पत्तियों पर स्प्रे करने से पौधा पोषण को सीधे अवशोषित करता है।

अतिरिक्त सुझाव: धूप और पानी का संतुलन

  • भरपूर धूप जरूरी: गेंदे के पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। कम धूप मिलने पर फूल कम और छोटे आते हैं।

  • ओवर-वाटरिंग से बचें: गमले की ऊपरी मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। गमले में जलभराव होने से जड़ें सड़ने का खतरा रहता है।

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योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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