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दीये की बाती पर नेल पॉलिश लगाने की भूल न करें; सोशल मीडिया हैक की हकीकत और दीया देर तक जलाने के 4 सुरक्षित तरीके

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लाइफस्टाइल डेस्क | नई दिल्ली

त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान घर के बाहर रखे दीये अक्सर तेज हवा के झोंकों से बुझ जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के नाम पर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ट्रेंड वायरल हो रहा है, जिसमें इंफ्लूएंसर्स रुई की बाती के सिरे पर नेल पॉलिश लगाने की सलाह दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इससे दीया तुरंत जल जाता है और तेज हवा में भी नहीं बुझता। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक यह हैक न केवल पूरी तरह बेअसर है, बल्कि गंभीर दुर्घटना और स्वास्थ्य जोखिम का कारण भी बन सकता है।

नेल पॉलिश वाले हैक की हकीकत और बड़े खतरे

नेल पॉलिश में नाइट्रोसेलुलोज, एसीटोन और कई प्रकार के ज्वलनशील सॉल्वैंट्स होते हैं। इसे बाती पर लगाने से निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं:

  • आग भड़कने का जोखिम: अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल्स के कारण माचिस की तीली छूते ही आग तेजी से भड़क सकती है, जिससे हाथ जलने या आसपास आग फैलने का गंभीर खतरा रहता है।

  • जहरीला धुआं: नेल पॉलिश के जलने पर रासायनिक धुआं और तीखी दुर्गंध निकलती है, जो फेफड़ों और आंखों के लिए बेहद नुकसानदेह है।

  • उल्टा बुझ जाता है दीया: नेल पॉलिश सूखने के बाद रुई के प्राकृतिक छिद्रों (Pores) को ब्लॉक कर देती है। इससे तेल बाती के ऊपरी हिस्से तक नहीं पहुंच पाता और दीया कुछ ही मिनटों में बुझ जाता है।

दीये को देर तक और स्थिर जलाने के 4 सुरक्षित तरीके

1. कच्चे दूध या पानी में भिगोकर सुखाएं बाती

रुई की बाती तैयार करने के बाद उसे हल्के कच्चे दूध या पानी में डुबो लें और फिर धूप में अच्छी तरह सुखा लें। सूखने के बाद जब इसे तेल या घी में डुबोकर जलाया जाएगा, तो कॉटन के रेशे मजबूत हो जाते हैं और लौ लंबे समय तक बिना फड़फड़ाए स्थिर जलती है।

2. पानी और तेल की दोहरी परत का पुराना नुस्खा

दीये के तल में पहले थोड़ा सा साफ पानी डालें और उसके ऊपर सरसों का तेल या तिल का तेल भरें। चूंकि तेल पानी की तुलना में हल्का होता है, इसलिए वह सतह पर तैरता रहता है। बाती धीरे-धीरे केवल तेल को सोखकर जलती है और कम तेल में भी दीया घंटों तक रोशन रहता है।

3. मोटी और कसी हुई बाती का चुनाव

बहुत पतली या ढीली बाती हवा के हल्के दबाव से भी बुझ जाती है। घर के बाहर दीया रखने के लिए हमेशा अच्छी तरह बटी हुई थोड़ी मोटी सूती बाती का इस्तेमाल करें, जो अधिक मात्रा में तेल को सोखकर लौ को ताकत देती है।

4. ग्लास शेड या ओट का इस्तेमाल

बालकनी, छत या मुख्य द्वार पर दीया रखते समय सीधे वायु प्रवाह को रोकने के लिए कांच के कवर (ग्लास शेड), लालटेन फ्रेम या मिट्टी के दीयों की प्राकृतिक ओट का सहारा लें। इससे हवा का सीधा झोंका दीये तक नहीं पहुंचता।

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योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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